अयोध्या भगवान विष्णु के अवतार पुरुष मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम का जन्म स्थान है। यह धार्मिक शहर सरयू नदी के तट पर स्थित है, और स्कंद पुराण में वर्णित सात सबसे पवित्र स्थानों में से एक है।
दीप दान करने से वर्तमान और पिछले जीवन के बुरे कर्मों और पापों से मुक्ति मिलती है। अयोध्या पुण्य क्षेत्रों में से एक है और यहाँ कोई भी कार्य करना फलदायी होता है।
अग्नि पुराण के अनुसार जो व्यक्ति किसी देवस्थान या ब्राह्मण के घर दीपदान करता है, उसे सब कुछ प्राप्त होता है। पद्म पुराण के अनुसार मंदिर और नदी के किनारे दीपदान करने से लक्ष्मी जी प्रसन्न होती हैं। दुर्गम क्षेत्र या भूमि पर दीपदान करने से व्यक्ति नरक जाने से बच जाता है।
पद्म पुराण में कहा गया है कि जो व्यक्ति मंदिर, नदी किनारे या सड़क पर दीपक जलाता है, उसे सर्वगुण संपन्न लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। कार्तिक में हर दिन दो दीपक जलाएं एक श्री हरि नारायण और दूसरा शिवलिंग के सामने ।
दीप दान कब करें?
- दीप दान का महत्त्व श्रावण माह और विशेष रूप से कार्तिक माह में किया जाता है।