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  • धर्म-पथ
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  • 25 February 2025
महाशिवरात्रि माहात्म्य !

भगवान शिव का स्वरूप अत्यंत अलौकिक और रहस्यमय है। वे विभिन्न वस्त्र, आभूषण और प्रतीक धारण करते हैं, जो उनके...

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  • धर्म-पथ
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  • 03 February 2025
पुरश्चरण विधान

बिना पुरश्चरण किये हम गुरू-कृपा द्वारा प्राप्त मन्त्र से भी कोई कार्य नहीं ले सकते। अतः पुरश्चरण ही मन्त्र का...

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  • धर्म-पथ
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  • 28 December 2024
वेदों में शान्तिपाठ

इसका तात्पर्य यह मानते हैं कि कार्यक्रम पूर्ण हुआ। पर इसका यह अर्थ नहीं है।...

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  • धर्म-पथ
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  • 23 December 2024
सनातन धर्म में दीक्षित नहीं किया जाता ।

दीक्षा सम्प्रदाय में होती है,धर्म में नहीं । क्योंकि जो धर्म में नहीं है वह अधर्म में है ।...

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  • 05 December 2024
दान में देय-वस्तु के देवता

उसी की सत्ता से सभी सत्तावान् हैं, प्रतिष्ठित हैं, चेतन हैं और आनन्दरूप हैं। वही एक तत्त्व विभिन्न रूपवाला होकर...

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  • 31 October 2024
दीक्षान्त उपदेश

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  • 31 October 2024
देवी के विविध गुण और विशेषताएं !

कुलदेवी, ग्रामदेवी, शक्तिपीठ आदि रूपों में देवी के विविध सगुण रूपों की उपासना की जाती है । हिन्दू संस्कृति में...

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  • 31 October 2024
नव संवत्सर का महत्व !

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा ही क्यों? इसका प्रथम उद्गाता वेद है । वेद अति प्राचीन वांग्मय है। इसके बारे में दो...