जन्माष्टमी के दिन श्रीकृष्ण तत्त्व सामान्य दिनों की अपेक्षा अत्यधिक सक्रिय रहता है।...
आरम्भ में एक ही प्रकार का ऋषि था जिसे एकर्षि कहते थे।...
भारतीय दर्शन में क्लेश–संस्कार–वासनाएँ केवल मनोवैज्ञानिक अवधारणाएँ नहीं हैं...
कुछ आधुनिक और अंग्रेजी शिक्षा प्राप्त बुद्धिजीवी कहते हैं कि ये सारे दर्शन तो आध्यात्मिक हैं —...
गुरु और शिष्य के बीच "एकात्म-बोध" का अनुभव कैसे होगा? ...
इन्द्र ने कार्त्तिकेय से कहा कि वह ब्रह्मा से सलाह कर वर्ष आरम्भ का पुनः निर्धारण करें।...
किन्तु वेद की पूर्णता ब्रह्म कि समझने में है, जिसे भागवत तत्त्व कहा गया है।...
यह किसी एक व्यक्ति का मत नहीं है, अनेक ऋषियों के ज्ञान का संग्रह है।...
ध्वज प्रगति और गति का प्रतीक होता है। वह ऊँचाई पर होता है और दूर से दिखाई देता है। उसी...