स्वायम्भुव मनु काल में सम्भवतः आज के ज्योतिषीय युग नहीं थे। यह व्यवस्था वैवस्वत मनु के काल से आरम्भ हुयी...
दक्षिण भारत के पितामह सिद्धान्त के अनुसार कलि आरम्भ से प्रमाथी (१३वां) संवत्सर आरम्भ हुआ। इसके १२ वर्ष पूर्व से...
इजरायल के हैफा विश्वविद्यालय ने एक कल्पना की थी कि अलकोहल को याद रहता है कि यह ओषधि घोली गयी...
यह अस्पर्श योग सब प्रकार के भयों से शून्य है तो भी योगीजन इस योग से भयभीत होते रहते हैं-...
अधिकांश टीकाओं में यह किया है कि माहेश्वर ज्वर से ताप उत्पन्न होता है जिसे शान्त करने के लिए वैष्णव...
सुश्रुत संहिता, कल्प स्थान, अध्याय ८ में भी ऐसा ही वर्णन है। वायव्य कीट १८ प्रकार के हैं जिनमें वायरस...
शिव रात्रि वह समय है जो पारलौकिक, मानसिक एवं भौतिक तीनों प्रकार की व्यथाओं, संतापों, पाशों से मुक्त कर देता...
शिवम क्या है? शिवम का संबंध अक्सर लोग भगवान शंकर से जोड़ देते हैं, जबकि भगवान शंकर अलग हैं और...
ब्रह्म सूत्र के प्रथम ४ सूत्रों के अनुसार जिज्ञासा तथा शास्त्र को समन्वय से पढ़ने से ब्रह्म का ज्ञान होता...