होलिका दहन के समय अग्निदेवता का तत्त्व वहाँ सक्रिय रहता है और यह तत्त्व दूसरे दिन भी कार्यरत रहता है।...
यह मंत्र साधक को ऊर्ध्वगामी बनाता है, शान्ति और चिदानन्द की स्थिति तक ले जाता है।...
हम सबकी यात्रा उसी अनंत की ओर है— उसी देवालय की ओर। और उस पथ पर आरंभ में *मंदिर* भी...
जब “भारत” शब्द किसी व्यक्ति के अपत्य या वंश के अर्थ में प्रयुक्त हुआ, तब वह “भारतः” (पुंलिङ्ग) या “भारती”...
‘वंदे मातरम’ सम्मान पर कांग्रेस का विरोध, सनातन संस्था ने कहा – तथ्य तोड़कर किया जा रहा दुष्प्रचार...
पंचम भाव को संतान-भाव कहा गया है। यह पूर्वजन्म के पुण्य, विद्या, बुद्धि, मंत्र-जप, रचनात्मकता तथा प्रेम से भी संबंधित...
‘प्रत्येक जीव में शिवत्व (आत्मतत्त्व) विद्यमान है और वह चैतन्यरूप है—वही परम शिव है।...
‘वैलेंटाइन डे’ के नाम पर युवा पीढ़ी को व्यसनाधीनता और अनैतिकता के गर्त में ढकेला जा रहा है।...
शाक्त तन्त्रों या निगम ग्रन्यों के विषय काफी व्यापक हैं। इनमें राजधर्म, युगधर्म, वर्ण-व्यवस्था, जातिभेद, सर्ग, उपसर्ग, सृष्टि, प्रलय इत्यादि...
पञ्चाक्षरमन्त्र (नमः शिवाय) से पहले ॐकार जोड़ देने से यह षडक्षर मन्त्र कहलाने लगता है। यह षडक्षर होते हुए भी...