अस्य श्रीशिवपञ्चाक्षरी मन्त्रस्य वामदेव ऋषिः । पंक्तिः छन्दः । श्रीईशानो देवता । ओं बीजम् । नमः शक्तिः । शिवायेति कीलकम्...
तन्त्र शास्त्रों का मूलभूत सिद्धान्त है- इच्छाशक्ति, ज्ञानशक्ति और क्रियाशक्ति। सर्वप्रथम इच्छा होती है कि मुझे यह चाहिए या यह...
तंत्र शब्द को लेकर भारतीय दर्शन एवं धर्म में अनेक भ्रान्तियाँ उत्पन्न हुई हैं। इसका मुख्य कारण है तन्त्र के...
आज भैरवी साधना से नाम. पर शोषण किया जाता है और कुछ अपने को भैरवी बताने वाली महिलाएँ भी अपने...
ॐ मणिपद्मे हुँ। बौद्ध धर्म का साधना मन्त्र है जो विशेषकर हिमालय क्षेत्रों में प्रचलित है।...
चक्र स्थान यह पुरूषों के मेरूदंड के सबसे नीचे तिकोनी हड्डी में तथा गुदा के पास रीढ़ खंभ में स्थित...
शैव दर्शन में मूलभूत परम अद्वैत तत्त्व को परमशिव, अर्थात् परमेश्वर कहा गया है । संसार में होने वाले बन्धन...
कौलमत तन्त्र साहित्य में अत्यन्त महत्वपूर्ण साधनातन्त्र है। विज्ञान भैरव की टीका के अनुसार वेदादि से परम शैवतन्त्र है। शैव...