नवरात्रि के निमित्त हम इन देवियों के नौ रूपों की महिमा जानेंगे। नवरात्रि का व्रत अर्थात आदि शक्ति की उपासना...
“रामरक्षा” में राम अलग-अलग अंगों की रक्षा करते हैं, वैसे ही सप्तशती में ऋषियों ने बताया है कि कौन-सी देवी...
यह व्रत आदिशक्ति की उपासना ही है। देवी मां नवरात्रि के नौ दिनों में जगत में तमोगुण का प्रभाव घटाती...
पितृपक्ष की अमावस्या को ही 'सर्वपितृ अमावस्या' कहते हैं l इस तिथि पर कुल के सभी पितरों के लिए यह श्राद्ध...
ग्रहण के समय जैविक प्रक्रियाएं धीमी हो जाती है अर्थात पाचन आदि की गति धीमी हो जाती है अतः भारी...
पूजाकार्यों में चाँदी का उपयोग निषिद्ध माना गया है, परंतु उसमें विद्यमान रजोगुण और वायुतत्त्व के कारण पितर नैवेद्य (भोजन)...
विनायक का लक्षण है विघ्न करना। सुख, समृद्धि, स्वाध्याय, यज्ञ, पूजा जैसी उपादेय वस्तुओं और क्रियाओं में बाधा डालने वालों,...
मनुभगवान्ने मृत्यु के आने का सर्वप्रथम कारण वेदों के अनभ्यास को बताया है। इस मन्त्र से तिलकी १०,००० आहुति देने...
श्रीराधा ने प्रियतम प्रेमार्णव श्रीश्यामसुन्दर के दर्शन करके सर्वसमर्पण कर दिया। अब वे आठों पहर उन्हीं के प्रेम-रस-सुधा-समुद्र में निमग्न...
महात्माओं द्वारा कल्याण के निमित्त यह श्रुति दूधर्मेसे रुद्राष्टाध्यायी रूप नवनीत निकालकर साररूप लिया गया है।...