ॐ की शास्त्रीय व्याख्या में इतने अर्थ नहीं हैं, किन्तु हनुमत् चरित्र सभी प्रकार के अर्थ वाक् का समन्वय है।...
स्कन्दपुराण के वैष्णव खण्ड में आया है कि भूमि प्राप्त करने के इच्छुक मनुष्य को सदा ही इस मन्त्र का...
इस प्रकार की सोत्कण्ठ भक्त की प्रार्थना से भगवान् द्रुत होकर भक्त से मिलने को दौड़ पड़ते हैं।हाँ, यह ठीक...
इस महोत्सव के द्वितीय दिवस “विश्वकल्याणकारी सनातन राष्ट्र” पर विशेष सत्र आयोजित होगा, जिसमें नक्सलवाद, आतंकवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे...
सृष्टि के मूल में कर्म-संस्कार अवश्य है तथापि अपक्व संस्कार से सृष्टि नहीं हो सकती। इसके लिये काल अपेक्षित है।...
वृन्दावनवास करने के वे ही अधिकारी हैं जिनका मन स्थिर है। अस्थिर मन वाले लोगों का वृन्दावनवास सम्भवतः अनर्थोत्पादक हो...
आकाश में इसके ५ रूप हैं। ३ धामों के ३ अन्तरिक्षों में मूल पदार्थ दीखता है जिससे आदि हुआ, अतः इनको...
इतिहासों के अवलोकन से अवगत होता है कि-कोटिहोम का प्रचार प्राचीन समय में अत्यधिक था किन्तु इघर सैकड़ों वर्षों से...
हनुमान् शब्द का हन्मन रूप वेद वर्णित है। ऋग्वेद में दूत शब्द ९० बार, हनू शब्द ४ बार तथा हन्मना...
लोकपरंपरा के अनुसार सूर्य देव और छठी मैया का संबंध भाई-बहन का है । लोक मातृका षष्ठी की पहली पूजा...