बालक हनुमान वह सारी सूर्य विद्या का विशेषज्ञ बना। माता की अनुपम शिक्षा थी। सूर्य के विज्ञान को जानने वाला,...
भगवान राम बारह कलाओं के अवतार कलाए जाते थे। वे बारह कला क्या थीं?...
यह स्तोत्र उस अर्गला को हटा कर सांसारिक विषयों के बंधनों से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त करता है।...
भगवद्दत्त जी ने भारतवर्ष के बृहत् इतिहास, भाग १, पृष्ठ २८०-२८३ में द्वापर में आयुर्वेद अवतार का वर्णन किया है।...
विद्या प्राप्ति के लिये इससे मिलती-जुलती एक अन्य शैली भी है- श्रवण, मनन, निदिध्यासन और साक्षात्कार। इसके अनुसार पहले विद्यार्थी...
पशु की बलि निमित्त मात्र है, मुख्य बलि है पशुत्व की। देवी की प्रसन्नता पुरुष में अभिव्यक्त होती है। भोजन...
कुलदेवी, ग्रामदेवी, शक्तिपीठ आदि रूपों में देवी के विविध सगुण रूपों की उपासना की जाती है । हिन्दू संस्कृति में...
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा ही क्यों? इसका प्रथम उद्गाता वेद है । वेद अति प्राचीन वांग्मय है। इसके बारे में दो...