जो प्राण के व्यापार में आता है, वह ब्रह्म नहीं है । यह सुस्पष्ट शब्दों में बताया गया है...
स्वधर्म का पालन करनेवाले को भगवान् श्रीकृष्ण की अनुकम्पा सहज ही प्राप्त होती है, जीवन में सुख, शान्ति तथा समृद्धि...
वैकुंठ में, श्रीराम के परम् धाम साकेत अथवा श्रीकृष्ण के परम् धाम गोलोक में श्रीहरि के सालोक्य से सायुज्य पर्यन्त...